मुस्कुराते पलको पे सनम चले आते हैं,
आप क्या जानो कहाँ से हमारे गम आते हैं,
आज भी उस मोड़ पर खड़े हैं, जहाँ किसी ने कहा था,
कि ठहरो हम अभी आते हैं!!
सपनो से दिल लगाने कि आदत नही रही,
हर वक्त मुस्कुराने की आदत नही रही,
ये सोच के कि कोई मनाने नही आएगा,
अब हमे रूठ जाने की आदत नहीं रही
किसी न किसी पे, किसी को, एतबार हो जाता है ,
अजनबी कोई शख्स, अक्सर यार हो जाता है
खूबियों से ही नहीं होती मोह्हबत,
खामियों से भी अक्सर प्यार हो जाता है
पलको कि नमी मे छुपा कर सपनो को..
हमने उन्हें जाने की इजाज़त दे दी..
हम टूट कर बिखर गए टुकडों मे..
उन्हें मुस्कराने की इजाज़त दे दी….
होठो की जुबान ये आंसू कहते है,
जो चुप रहते है लेकिन फ़िर भी बहते है,
और इन आंसू की किस्मत तो देखिये,
ये उनके लिए बहते हैं जो इन आँखों मे रहते हैं
मैंने जो सोचा वो कभी पाया नही,
चाहकर भी मैं उसको भूल पाया नही,
चाहता तो था मैं उसको अपनाना,
पर मैंने उसको कभी ये बताया नहीं…
किसी को पलकों पर न बिठाओ,
वहाँ तो सिर्फ़ सपने बसते हैं,
बिठाओ तो दिल में बिठाओ क्योंकि यहाँ सिर्फ़ अपने बसते हैं…
अपनी यादों मे हम तुम्हे बसाना चाहते है,
अपने पास तुम्हे हम बुलाना चाहते है,
थक गए हम तुम्हे याद करते करते,
अब हम तुम्हे याद आना चाहते हैं
कभी कभी ऐसा भी होता है,
प्यार का असर जरा देर से होता है,
आपको लगता है हम कुछ नही सोचते आपके बारे मे,
पर हमारी हर बात मे आपका ही जिक्र होता है
शमा-ऐ-तमन्ना जवान आज भी है
हर हसरत लेकिन बेज़ुबान आज भी है
मंजिलों को नही नसीब मेरे काफिले तो क्या
राहों पे मेरे क़दमों के निशाँ आज भी हैं
यह मिलना और बिछड़ जाना
कब अपने बस की बात है
किस्मत ही मिलाती है हम को
किस्मत ही जुदाई देती है
हर बार यह ही होता है
कोई हमे बताये तो सही
जो तुम से नही कह पाते है
धड़कन से सुनाई देती है
न रास्ता सुझाई देता है
न मंजिल दिखाई देती है
न लफ्ज़ जुबां पर आते हैं
न धड़कन सुनाई देती है
एक अजीब सी कैफियत ने
आन घेरा है मुझे.
की हर सूरत में
तेरी सूरत दिखाई देती है
जब याद आती है तुम्हारी मुस्कुरा लेते हैं,
कुछ पलो के लिए हर गम भुला देते हैं,
कैसे भीग सकती है आपकी पलकें,
आपके हिस्से के आंसू तो हम बहा लेते हैं
मुस्कान तेरे होठो पे हो तो खुशी मेरे दिल मे होती है,
अगर दर्द तेरे दिल को हो तो आखें मेरी रोटी है,
आप महसूस करके देखो प्यार ऐसा ही होता है..
वादे भी उसने क्या खूब निभाए हैं,
ज़ख्म मुफ्त और दर्द तोहफे मे भिजवाए हैं
इस से बढ़कर वफादारी की मिसाल क्या होगी
मौत से पहले वो कफ़न ले आए हैं
देते हो क्यों ये दर्द बस हमी को
क्या समझोगे तुम इन आँखों की नमी को
यू तो होंगे लाखों दीवाने इस चाँद के
चाँद क्या महसूस करेगा एक तारे की कमी को
हर एक से बात करना फितरत है आपकी
हर एक खुश रहे हसरत है आपकी
कोई आपको याद करे या न करे
हमे छोड़ कर सबको याद करना आदत है आपकी
अजीब कशीश है मै ख़ुद को जलना चाहता हूँ
मै ख़ुद को रख कर कहीं भूल जन चाहता हूँ

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