संता बंता एक बार में बैठे थे
संता: "बंता यार.... मेरी बहुत फेमिली प्रॉब्लम है"..
बंता: तू पहले मेरी सुन
मैंने एक विधवा महिला से शादी की जिसके एक लड़की थी, कुछ दिनों बाद पता चला कि मेरे पिताजी को उस विधवा महिला कि पुत्री से प्यार है, और उन्होने इस तरह मेरी ही लड़की से शादी कर ली
अब मेरे पिताजी मेरे दामाद बन गए और मेरी बेटी मेरी माँ बन गयी, और मेरी ही पत्नी मेरी मेरी नानी हो गयी !! ज्यादा प्रॉब्लम तब हुई जब जब मेरे लड़का हुआ, अब मेरा लड़का मेरी माँ का भाई हो गया तो इस तरह मेरा मामा हो गया
संता: तो सम्स्या क्या है?
बंता: परिस्थिति तो तब ख़राब हुई जब मेरे पिताजी को लड़का हुआ, मेरे पिताजी का लड़का यानी मेरा भाई मेरा ही नवासा हो गया और इस तरह मैं स्वयं का ही दादा हो गया और स्वयं का ही पोता बन गया और तू कहता है कि तुझे फेमिली प्रॉब्लम है"
और अब एक:
काश वादों का मतलब तुम समझते,
काश खामोशी का मतलब तुम समझते,
नज़र मिलती है नज़रों से,
काश नज़रों का मतलब तुम समझते
कोई आँखों आँखों मैं बात कर लेता है,
कोई आँखों आँखों मैं मुलाकात कर लेता है,
मुश्किल होता है जवाब देना,
जब कोई खामोश रहकर भी सवाल कर लेता है

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