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16 मार्च, 2008

 

• मजेदार शायरी

चिरागों से अगर अंधेरे दूर होते तो, चांदनी की चाहत किसे होती...   और पढ़ें...
श्रेणियाँ: मनोरंजन
377 views. 4.25 rating from 9 votes.

• तू जो साथ तो

अशोक वशिष्ट

तू जो साथ तो जीवन जन्नत, नहीं साथ तो जीवन ज़िल्लत।   और पढ़ें...
श्रेणियाँ: मेरी पसंद
171 views. 4.21 rating from 5 votes.

• उसने कहा था

दिविक रमेश

मेरे निकट आओ, मेरी महक से महको और सूँघो   और पढ़ें...
श्रेणियाँ: पसंद और भी
158 views. 3.61 rating from 5 votes.