संता (बंता से)- मेरे हाथ में क्या है, बताआ॓ तो मैं अपने हाथ का बटन तुम्हे दे दूंगा?
बंता- मुझे कुछ हिंट दो।
संता- उसमें चार छेद होते हैं।
बंता- समझ गया तुमने हाथ में गाड़ी का पहिया छुपाया है।
संता(काल सेंटर के कर्मचारी से)- मेरे सिस्टम में पाप-अप मेन्यु नहीं खुल रहा।
कर्मचारी- सर आप माउस को राइट क्लिक करिए।
संता- अभी भी नहीं खुला।
कर्मचारी- आपने क्या किया?
संता- आपने राइट क्लिक करने को कहा था और मैने वही किया। सिस्टम पर क्लिक लिख दिया।
संता (फोन मिलाकर)- कौन बोल रहा है?
दूसरी आ॓र से - सीता।
संता- सीता! पर मैने तो चंडीगढ़ फोन मिलाया था, अयोध्या कैसे मिल गया ?
संता बंता से: ‘नारी की मुसकुराहट और आंसू में क्या अंतर है?’
बंता: ‘कुछ भी नहीं, कतई भी नहीं?’
‘वह दोनों के द्वारा अपनी बात मनवा लेती हैं।’
संता (बंता से)- कल रात मैं ट्रेन में सो नहीं सका।
बंता- क्यों?
संता- मेरी बर्थ ऊपर की थी।
बंता- तो तुमने नीचे वाले से बर्थ बदली क्यों नहीं?
संता- नीचे कोई था ही नहीं, किससे बदलता।
संता (नौकर से)-‘क्या रे तूने कल बाग में पानी क्यों नहीं डाला?’
नौकर- ‘पानी कैसे देता?’ कल तो पानी बरस रहा था।
संता- ‘तो छाता लगाकर दे देता।’
पति : दूधवाला पैसे मांगने आया है। जा कर उससे कह दो कि मैं घर पर नहीं हूं।
पत्नी : पर कल तो आप कह रहे थे कि मैं झूठ नहीं बोलता।
पति : हां-हां, इसी लिए तो तुम्हें भेज रहा हूं।
मास्टर जी, ग्रामर पढ़ाते हुए एक ऐसा वाक्य बताआ॓ जिसमें वर्तमान काल, भूतकाल और भविष्य काल तीनों आ जाएं।
संता: सौ साल पहले मुझे तुमसे प्यार था, आज भी है और कल भी रहेगा।
संताः तुम कौन हो?
बीवीः तुम अपनी बीवी को भूल गए तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई?
संताः नशा हर ग़म को भुला देता है..
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