मुगल बादशाह बाबर ने अपने दरबारियों से तेनाली राम की बहुत प्रशंसा सुनी थी। एक दरबारी ने कहा, आलमपनाह, तेनाली राम की हाजिर-जवाबी और अक्लमंदी बेमिसाल है। बाबर इस बात की सत्यता परखना चाहता था।उसने राजा कृष्णदेव राय को एक पत्र भेजा, जिसमें उसने प्रार्थना की कि ...
आगे पढ़ें...