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मस्ती के लिये चुटकुले कुछ चुटकुले

मस्ती के लिये चुटकुले कुछ चुटकुले मनोरंजन के लिए चुटकुले

संता रोज सुबह पेड़ पर चढ़कर बैठ जाता था।
पूछो, क्यों?
बेचारा एमबीए करके पागल हो गया था। अपने आप को ब्रांच मैनेजर समझता था।

मोहन- लड़कियां शराब से इतनी नफरत क्यों करती हैं?
नरेश: क्योंकि शराब पीने के बाद उनके चूहे जैसे पति शेर जैसा बर्ताव करने लगते हैं।

संता: तू ऑफिस में बड़ा शेर बना घुमता है, घर पर क्या हो जाता है।
बंता: होता तो शेर ही हूँ पर दुर्गा सवार हो जाती हैं।

एक खूबसूरत लड़की बस स्टाप पर खड़ी थी। वहां से गुजर रहे एक मनचले ने फब्तियां की। चांद तो रात में निकलता है। फिर आज दिन में कैसे? लड़की ने मुस्करा कर जवाब दिया। उल्लू तो रात को बोलते हैं दिन में कैसे?

गणित का अध्यापक (रोहित से): अगर तुह्मारे पास १२ चाकलेट हों और तुम उसमें से ५ प्रिया को, ३ सोनिया को, २ नेहा को दे दोगे, तब तुह्में क्या मिलेगा?
रोहित (मुस्करा कर): तीन नयी गर्लफ्रेंड।

अध्यापक (कक्षा में):बच्चों बताओ कि दूध को खराब होने से बचाने के लिए क्या करना चाहिए?
टिंकू: जी उसे पी लेना चाहिए।

पति ने पत्नी से कहा: तुम भिखारियों को हर रोज भरपेट खाना क्यों खिलाती हो?
पत्नी ने कहा: क्योंकि वही तो हैं, जो मेरे खाने में कोई मीन-मेख नहीं निकालते।

अध्यापक (छात्र से): ज्यों-ज्यों इलाज किया मर्ज बढ़ता ही गया। इसमें कवि का आशय क्या है।
एक छात्र : सर लगता है कि कवि का इलाज किसी सरकारी अस्पताल में चल रहा है।

बीबी: सुनिए आजकल मैं बहुत खूबसूरत होती जा रही हूं।
पति (आश्चर्य से): तुमने कैसे जाना?
पत्नी : देखो ना आजकल मेरी सुंदरता देखकर रोटियां भी जलने लगी हैं।

मटकू गटकू को एक पेड़ दिखाकर कहता है
बचपन में मैं इस पेड़ पर चढ़ जाता था
गटकू (आश्चर्य से): कैसे?
मटकू : अरे यार बचपन में यह पेड़ भी तो छोटा था।

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