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ब्लॉग्स (413)

गलत मार्ग पर चलने वाली पत्नी अपनी कर्मों से ही अपयश के गर्त में जा पहुंची। और पढ़ें...


विचित्र किंतु सत्य... कमज़ोर दिल वाले ना देखें और पढ़ें...

सोच समझ से परे विवेकहीनता पर स्वंय ही विनाश का भागी होना पड़ता है। और पढ़ें...

संता अपनी बीवी के ऑफिस पहुंचा तो देखा कि उसकी बीवी अपने... और पढ़ें...

निजी स्वार्थ में मेढकों के राजा ने अपने वंश का ही नाश कर डाला। और पढ़ें...

तपस्वी ने चुहिया को कन्या बना दिया, लेकिन उसे अपनी जाति ही रास आई| और पढ़ें...

जब लालची व्यापारी पर उसकी ही चाल भारी पड़ गई। और पढ़ें...

किसी झूठ को बार-बार बोलने से वह सच की तरह लगने लगता है और पढ़ें...


एक बार चारों भाइयों ने परदेश जाकर अपनी-अपनी विद्या के प्रभाव से धन अर्जित करने का विचार किया। और पढ़ें...

‘कड़वे वचन बोलनेवाली मेरी इस पुत्री का किसी परदेसी से ब्याह कर दो, जिससे यह अपने कर्म का फल भुगते।’ और पढ़ें...


ग्राहक : इस शीशे की गारंटी क्या है?संता : ९९ प्रतिशत अगर सौ फीट से नीचे फेकोगे तो निन्यानबे फीट तक कुछ नहीं होगा।जार्ज बुश : असम्भव शब्द मेरी डिक्शनरी में नहीं हैसंता: तो डिक्शनरी देख के लेना चाहिये था।संता जी को यह बात कभी समझ में नहीं आयी कि कैसे उनका ... और पढ़ें...

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